🌞 पहला माह — परिचय व आधारभूत ज्ञान
विषय: "ज्योतिष का ब्रह्मांड समझना"
अध्ययन विषय:
व्यावहारिक अभ्यास:
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प्रतिदिन पंचांग देखें और तिथि, नक्षत्र, वार लिखें।
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कागज़ पर राशिचक्र का गोला बनाएं और राशियों को चिन्हित करें।
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१२ राशियों और ९ ग्रहों के संस्कृत नाम याद करें।
पुस्तक अध्ययन:
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बृहत् पराशर होरा शास्त्र – अध्याय 1–2
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सूर्य सिद्धांत – अध्याय 1–2
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पंचांग गणना – डॉ. बी.वी. रमन (प्रथम भाग)
🌗 दूसरा माह — समय और खगोल के आधार
विषय: "काल और अंतरिक्ष की माप"
अध्ययन विषय:
अभ्यास:
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अपने नगर का सूर्योदय समय पंचांग से मिलाकर निकालें।
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JHora सॉफ्टवेयर में “Day-Hour Table” से तिथि परिवर्तन समय देखें।
पुस्तक:
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सूर्य सिद्धांत अध्याय 3–4
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बृहत् पराशर होरा शास्त्र अध्याय 3–4
🪔 तीसरा माह — लग्न और भावचक्र (Bhachakra)
विषय: "कुंडली बनाना सीखना"
अध्ययन विषय:
अभ्यास:
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स्वयं हाथ से तीन प्रकार की कुंडली बनाएं।
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दिनभर में लग्न परिवर्तन का चार्ट बनाएं।
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JHora में Chart Calculations सेक्शन देखें।
पुस्तक:
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BPHS अध्याय 5–6
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सरावली का परिचय
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ग्रह व भाव बल (बी.वी. रमन द्वारा)
🌠 चौथा माह — ग्रहों की गति (Graha Gati)
विषय: "ग्रहों का गमन और वेग"
अध्ययन विषय:
अभ्यास:
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२०२५ के ग्रहों के वक्री समय Drik Panchang से देखें।
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वक्री और मार्गी कुंडली की तुलना करें।
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सप्ताह के दिनों के ग्रह स्वामी नोट करें।
पुस्तक:
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BPHS अध्याय 7–9
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फलदीपिका में ग्रह दृष्टि अध्याय
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JHora → Planetary Positions Table
📅 पाँचवाँ माह — पंचांग का गहन अध्ययन
विषय: "समय के पाँच अंगों की गहराई"
अध्ययन विषय:
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योग, करण, वार – फल व प्रभाव
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मुहूर्त की प्रारंभिक समझ
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सूर्योदय आधारित तिथि परिवर्तन
अभ्यास:
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प्रतिदिन पंचांग की ५ सूचनाएँ लिखें।
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सप्ताह भर मनोभाव व नक्षत्र के संबंध का निरीक्षण करें।
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एक छोटा पंचांग डायरी बनाएं।
पुस्तक:
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BPHS अध्याय 10–12
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मुहूर्त चिंतामणि (प्रारंभिक भाग)
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पंचांग गणना (उन्नत भाग)
🔭 छठा माह — अनुप्रयोग व फलित की झलक
विषय: "गणना से अर्थ की ओर"
अध्ययन विषय:
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गणित और फलित का संबंध
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ग्रह बल (Bala) का अर्थ
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लग्नेश, सूर्य, चंद्र का महत्व
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ग्रह दृष्टि और युति का प्रारंभिक ज्ञान
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जन्म कुंडली सत्यापन
अभ्यास:
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अपनी जन्म कुंडली हाथ से बनाएं व सॉफ्टवेयर से मिलाएँ।
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तिथि, नक्षत्र, योग की जांच करें।
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हर ग्रह का एक-पृष्ठ नोटबुक सारांश बनाएं।
पुस्तक:
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BPHS अध्याय 13–15
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फलदीपिका अध्याय 1–3
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How to Judge a Horoscope (Vol 1) — बी.वी. रमन
📖 दैनिक अध्ययन दिनचर्या
| कार्य | समय | विवरण |
|---|---|---|
| सुबह | 10 मिनट | दिन का पंचांग पढ़ें |
| अध्ययन | 30–45 मिनट | एक विषय + चार्ट अभ्यास |
| अभ्यास | 15 मिनट | सॉफ्टवेयर या हस्त-गणना |
| रविवार | साप्ताहिक | स्वयं की परीक्षा या परिवार की कुंडली बनाना |
🌺 ६ माह बाद आपकी योग्यता होगी —
✅ किसी भी पंचांग को पढ़ सकेंगे।
✅ अपनी या किसी की जन्म कुंडली हाथ से बना सकेंगे।✅ लग्न, भाव, राशि, नक्षत्र की गहरी समझ होगी।
✅ समझेंगे कि गणित ही फलित ज्योतिष की जड़ है।
✅ फलित ज्योतिष के अगले स्तर (दूसरा चरण) के लिए तैयार होंगे।


























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