🌞 पहला माह — ग्रह और भावों का अर्थ
विषय: "ग्रहों की प्रकृति और भावों का जीवन से संबंध"
अध्ययन विषय:
अभ्यास:
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अपनी कुंडली में प्रत्येक भाव का स्वामी लिखें।
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देखें कौन-सा ग्रह किस भाव में स्थित है और उससे क्या फल निकलता है।
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एक “ग्रह–भाव नोटबुक” तैयार करें।
पुस्तक अध्ययन:
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बृहत् पराशर होरा शास्त्र अध्याय 16–20
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फलदीपिका अध्याय 4–6
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सरावली भाव फल अध्याय
🌗 दूसरा माह — योगों का अध्ययन
विषय: "राजयोग, धनयोग, अरिष्टयोग आदि"
अध्ययन विषय:
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योग की परिभाषा – ग्रहों की विशेष स्थिति से उत्पन्न फल
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राजयोग, धनयोग, विपरीत राजयोग, गजकेसरी योग
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अरिष्ट योग (अशुभ योग) और उनके निवारण
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लग्नानुसार शुभ-अशुभ ग्रह
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ग्रह शक्ति और योग बल की गणना
अभ्यास:
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अपनी व २ अन्य कुंडलियों में योग खोजें।
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गजकेसरी योग और धनयोग की पहचान करें।
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योगों का वास्तविक जीवन में परीक्षण करें।
पुस्तक:
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BPHS अध्याय 21–25
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फलदीपिका अध्याय 7–9
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जाटक पारिजात (चयनित योग अध्याय)
🌠 तीसरा माह — दशा प्रणाली (Dasha System)
विषय: "काल के अनुसार फल परिवर्तन"
अध्ययन विषय:
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दशा का अर्थ और उद्देश्य
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विम्शोत्तरी दशा – गणना और क्रम
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अन्तरदशा व प्रत्यंतरदशा
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दशा-फल निकालने की विधि
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ग्रह स्थिति के अनुसार दशा फल का विश्लेषण
अभ्यास:
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JHora सॉफ्टवेयर में अपनी दशा सूची निकालें।
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पिछले जीवन घटनाओं से मिलान करें (जैसे – नौकरी, विवाह, परीक्षा आदि)।
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दशा परिवर्तन के साथ जीवन परिवर्तन को समझें।
पुस्तक:
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BPHS अध्याय 26–30
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बी.वी. रमन – How to Judge a Horoscope (Vol. 2)
🪶 चौथा माह — गोचर (Transit) एवं ग्रहफल
विषय: "ग्रहों की चाल और उसके जीवन पर प्रभाव"
अध्ययन विषय:
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गोचर (Transit) का सिद्धांत
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गोचर का चन्द्र राशि और लग्न से विश्लेषण
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शनि, गुरु, राहु–केतु के गोचर के परिणाम
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गोचर + दशा का संयुक्त फल
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विशेष गोचर योग (साढ़े साती, गुरु बल, आदि)
अभ्यास:
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वर्तमान वर्ष का अपना गोचर चार्ट देखें।
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देखें कौन ग्रह शुभ/अशुभ स्थिति में है।
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वास्तविक जीवन घटनाओं से तुलना करें।
पुस्तक:
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गोचर फल — बी.वी. रमन
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BPHS अध्याय 31–34
🌕 पाँचवाँ माह — भावों का गहन फल (House Results Deep Study)
विषय: "जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में भावफल की पहचान"
अध्ययन विषय:
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प्रथम से द्वादश भाव तक फल
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1st: Personality
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2nd: Wealth
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3rd: Courage
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4th: Home, Mother
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5th: Children, Intellect
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6th: Enemies, Health
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7th: Marriage
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8th: Longevity
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9th: Luck, Religion
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10th: Career
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11th: Gains
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12th: Moksha
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भावेश और कारक ग्रहों का संयुक्त अध्ययन
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ग्रह–भाव संयोजन के सिद्धांत
अभ्यास:
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३–४ कुंडलियों का भावानुसार विश्लेषण करें।
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विवाह, धन या शिक्षा सम्बन्धी भावों की तुलना करें।
पुस्तक:
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BPHS अध्याय 35–40
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सरावली भावफल अध्याय
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फलदीपिका भाव फल अध्याय
🔮 छठा माह — भविष्यवाणी और उपाय (Prediction & Remedies)
विषय: "गणना से सटीक फल और समाधान तक"
अध्ययन विषय:
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भविष्यवाणी की प्रक्रिया (Step-by-step analysis)
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दशा–गोचर संयुक्त विश्लेषण
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अरिष्ट निवारण उपाय – मंत्र, रत्न, दान, पूजा
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कर्म और भाग्य का संबंध
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अध्ययन सारांश और कुंडली अभ्यास
अभ्यास:
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अपनी व परिवार की कुंडली का पूर्ण विश्लेषण करें।
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दशा–गोचर जोड़कर घटना-सम्भावना लिखें।
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ग्रह दोष के निवारण के उपाय नोट करें।
पुस्तक:
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BPHS अध्याय 41–45
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प्रश्न मार्ग (प्रारंभिक अध्ययन)
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मंत्र महोदधि (उपाय हेतु संदर्भ)
📖 दैनिक अध्ययन दिनचर्या
| कार्य | समय | विवरण |
|---|---|---|
| सुबह | 15 मिनट | पंचांग देखना व ग्रह स्थिति नोट करना |
| अध्ययन | 45–60 मिनट | एक विषय व उदाहरण कुंडली |
| अभ्यास | 15–20 मिनट | दशा–गोचर निरीक्षण |
| रविवार | सप्ताह समीक्षा | किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की कुंडली विश्लेषण |
🌺 ६ माह के अंत तक आप सक्षम होंगे —
✅ किसी भी कुंडली का मूल फल बताने में।
✅ योग, दशा, गोचर से घटनाएँ निकालने में।
✅ ग्रह-भावों के शुभ-अशुभ फल बताने में।
✅ ग्रह दोष पहचानने और उपाय सुझाने में।
✅ “उत्तम स्तर (Acharya Jyotish)” के अध्ययन के लिए पूर्णतः तैयार रहेंगे।


























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